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आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निगम मेयर टिकट के लिए मारामारी

अंबाला नगर निगम में बीसी बी महिला खोजना आसान काम नहीं

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Satyakhabar, Haryana

Local Body Election : हरियाणा में इस साल होने वाले कार्य निकाय चुनावों की तैयारी अब अंतिम चरण में है। नगर निर्गमन के मेयर और नगर परिषद और नगर पालिकाओं के अध्यक्षों के चुनाव के लिए आरक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। नगर पालिकाओं और नगर परिषद के आरक्षण का काम पहले पूरा हो चुका था और अब नगर निगम मेयर के आरक्षण का काम भी पूरा हो गया है। अंबाला नगर निगम की मेयर पिछड़ा वर्ग 20 श्रेणी की महिला होगी जबकि पंचकूला और सोनीपत नगर निगम के मेयर अनारक्षित कोटा से आएंगे।

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इस प्रक्रिया के बाद अब प्रदेश का स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा के चुनाव आयोग को तीन नगर निगमों तथा रेवाड़ी नगर परिषद और सांपला, उकलाना, धारूहेड़ा नगर पालिका के लिए चुनाव होंगे। प्रदेश में टोहाना, झज्जर, राजौंद, कनीना, तरावड़ी, साढौरा और करनाल के निकायों में एक-एक वार्ड पार्षद का भी चुनाव होना है। इन सभी स्थानों पर एक साथ चुनाव करवाया जाना है।

अम्बाला नगर निगम में पहली बार बी.सी. बी की महिला मेयर पद पर चुनी जाएगी। बी.सी. बी. कैटेगरी में 5 प्रमुख जातियां अहीर, गुज्जर, लोध, सैनी और मेव आती हैं। अंबाला नगर निगम की बात करें तो यहां पर सैनी समुदाय का वोट बैंक इन पांच जातियों में सबसे ज्यादा है। अम्बाला में मेयर पद के लिए बेहतर बीसी बी महिला प्रत्याशी खोजना भाजपा और कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। फिलहाल दोनों ही दलों के पास ऐसा कोई प्रमुख नाम नहीं है। आरक्षण का ड्रॉ होने के बाद अब अम्बाला, सोनीपत और पंचकूला नगर निगम में मेयर पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं में टिकट को लेकर घमासान शुरू हो गया है। बताया गया है कि मार्च से अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करवाए जाने का प्रयास है। प्रदेश में चुनाव के लिए प्रस्तावित तीनों निगमों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। उक्त निगमों निगम कमिश्नर को बतौर प्रशासक नियुक्त किया गया है। चर्चा है कि मार्च में चुनावी प्रक्रिया शुरू की जाएगी जहां अप्रैल में चुनाव हो सकता है। इस संबंध में राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। मार्च में चुनाव प्रक्रिया शुरू करके अप्रैल में पूरा करवाने में सबसे बड़ी समस्या इस दौरान परीक्षाओं की है। निर्वाचन आयोग अगर परीक्षाओं को बड़ा मानता है तो चुनाव प्रक्रिया मई और जून तक टल सकती है।

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बता दें कि प्रदेश में कुल 11 नगर निगम हैं। इनमें से 8 के चुनाव पहले ही हो चुके हैं। 3 नगर निगमों का कार्यकाल इसी माह पूरा हुआ है। फरीदाबाद नगर निगम महिला और गुरुग्राम नगर निगम बीसी-ए कैटेगरी की महिला के लिए आरक्षित है। यमुनानगर में मेयर का पद एस.सी. महिला और रोहतक में नगर निगम मेयर का पद एस.सी. पुरुष के लिए रिजर्व है। बाकी के 5 निगम हिसार, करनाल, मानेसर और पानीपत सामान्य वर्ग के लिए हैं। अब अंबाला नगर निगम पिछड़ा वर्ग के बीच रहने की महिला के लिए आरक्षित किया गया है।

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